Fiction

किस्तवार खुदकुशी

“किस्तवार खुदकुशी” एक गहरी, संवेदनशील और विचारोत्तेजक सामाजिक कथा है, जो इंसान के धीरे-धीरे टूटने की पीड़ा को सामने लाती है। यह कहानी गरीबी, बेरोज़गारी, सामाजिक दबाव, अधूरे सपनों, प्रेम की हार और कॉर्पोरेट दुनिया के मानसिक तनाव को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। रमाकांत और ऋषभ जैसे पात्रों के माध्यम से लेखक दिखाते हैं कि आत्महत्या हमेशा एक पल का फैसला नहीं…

Read more about this book
Delivery to your
PIN code
Choose your
preferred format
Easy online
checkout
See all product details ↓

BETWEEN THE COVERS

About this book

“किस्तवार खुदकुशी” एक गहरी, संवेदनशील और विचारोत्तेजक सामाजिक कथा है, जो इंसान के धीरे-धीरे टूटने की पीड़ा को सामने लाती है। यह कहानी गरीबी, बेरोज़गारी, सामाजिक दबाव, अधूरे सपनों, प्रेम की हार और कॉर्पोरेट दुनिया के मानसिक तनाव को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। रमाकांत और ऋषभ जैसे पात्रों के माध्यम से लेखक दिखाते हैं कि आत्महत्या हमेशा एक पल का फैसला नहीं होती, बल्कि कई छोटे-छोटे अपमानों, असफलताओं और खामोश संघर्षों का परिणाम होती है। यह पुस्तक पाठक को समाज, सफलता और इंसानी संवेदनाओं पर गंभीरता से सोचने को मजबूर करती है।

AT A GLANCE

Product details

Item weight
.210 kg
Dimensions
21.59 × 13.97 × 0.28 cm
SKU
BCP0001149
Author
Vipendra Manav
Categories
Format
E-Book, Paperback

THE VOICE BEHIND THE BOOK

About the author

Vipendra Manav

View author profile

FROM OUR READERS

Customer reviews

Reviews

There are no reviews yet.

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.