
Fiction
अनुचर की मधुशाला
‘अनुचर की मधुशाला’ कवि ललित मोहन पाण्डेय की एक मौलिक हिंदी काव्य-कृति है, जिसका सृजन डॉ. हरिवंश राय बच्चन की अमर रचना ‘मधुशाला’ से प्रेरणा लेकर किया गया है। इस पुस्तक में हाला, प्याला, साकी और मधुशाला जैसे परिचित काव्य-प्रतीकों को आधार बनाते हुए कवि ने जीवन के अनेक रंगों को शब्दों में पिरोया है। बचपन की स्मृतियों, प्रकृति की सुंदरता, प्रेम, आध्यात्मिकता, मानवीय संबंधों,…
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‘अनुचर की मधुशाला’ कवि ललित मोहन पाण्डेय की एक मौलिक हिंदी काव्य-कृति है, जिसका सृजन डॉ. हरिवंश राय बच्चन की अमर रचना ‘मधुशाला’ से प्रेरणा लेकर किया गया है।
इस पुस्तक में हाला, प्याला, साकी और मधुशाला जैसे परिचित काव्य-प्रतीकों को आधार बनाते हुए कवि ने जीवन के अनेक रंगों को शब्दों में पिरोया है। बचपन की स्मृतियों, प्रकृति की सुंदरता, प्रेम, आध्यात्मिकता, मानवीय संबंधों, संघर्ष, आशा और जीवन-दर्शन को 100 स्वतंत्र छंदों के माध्यम से सहज एवं भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है।
यह रचना ‘मधुशाला’ की नकल या पुनर्रचना नहीं, बल्कि बच्चन जी की साहित्यिक परंपरा के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि स्वरूप लिखी गई एक स्वतंत्र कृति है। सरल हिंदी भाषा और लयात्मक अभिव्यक्ति के कारण यह पुस्तक सामान्य पाठकों के साथ-साथ हिंदी कविता और साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों को भी आकर्षित करेगी।
AT A GLANCE
Product details
- Publisher
- Publication date
- Language
- Print length
- Edition
- ISBN-10
- ISBN-13
- Reading age
- Country of origin
- Packer / manufacturer
- Item weight
- 140 kg
- Dimensions
- 21.59 × 12.97 × 0.4 cm
- SKU
- BCP0001200
- Author
- Lalit Mohan Pandey
- Categories
- Fiction
- Format
- E-Book, Paperback
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