
Fiction
भ्रम की वास्तुकला
क्या हमारा जीवन वास्तव में उतना अर्थपूर्ण है जितना हम मानते हैं—या हम सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और भावनात्मक भ्रमों की एक विशाल संरचना के भीतर जी रहे हैं? भ्रम की वास्तुकला में रसेश वसानी मानव अस्तित्व के दस कठिन और असुविधाजनक प्रश्नों की पड़ताल करते हैं—ईश्वर, जन्म, भूख, प्रेम, मानव स्वार्थ, पैसा, धर्म, रिश्ते, पीड़ा-मृत्यु और पुनर्जन्म। यह पुस्तक आसान सांत्वना नहीं देती। यह पाठक…
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About this book
क्या हमारा जीवन वास्तव में उतना अर्थपूर्ण है जितना हम मानते हैं—या हम सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और भावनात्मक भ्रमों की एक विशाल संरचना के भीतर जी रहे हैं? भ्रम की वास्तुकला में रसेश वसानी मानव अस्तित्व के दस कठिन और असुविधाजनक प्रश्नों की पड़ताल करते हैं—ईश्वर, जन्म, भूख, प्रेम, मानव स्वार्थ, पैसा, धर्म, रिश्ते, पीड़ा-मृत्यु और पुनर्जन्म। यह पुस्तक आसान सांत्वना नहीं देती। यह पाठक को जीवन, समाज और अपनी मान्यताओं को अधिक आलोचनात्मक दृष्टि से देखने के लिए आमंत्रित करती है। ईश्वर से लेकर शून्यता तक—मानव जीवन की उन धारणाओं की पड़ताल जो शायद हमने कभी सच मानकर प्रश्न ही नहीं कीं।
AT A GLANCE
Product details
- Publisher
- Publication date
- Language
- Print length
- Edition
- ISBN-10
- ISBN-13
- Reading age
- Country of origin
- Packer / manufacturer
- Item weight
- 63 kg
- Dimensions
- 21.59 × 13.97 × 0.13 cm
- SKU
- Author
- Rasesh Vasani
- Categories
- Fiction
- Format
- E-Book, Paperback
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